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जया किशोरी
Jaya Kishori
जया किशोरी (Jaya Kishori) भारत की एक अत्यंत लोकप्रिय आध्यात्मिक वक्ता, कथावाचिका, भजन गायिका और मोटिवेशनल स्पीकर हैं। उनका असली नाम जया शर्मा है, लेकिन भगवान कृष्ण के प्रति उनकी अगाध भक्ति को देखकर उनके गुरु ने उन्हें 'किशोरी जी' की उपाधि दी, जिसके बाद वे पूरी दुनिया में 'जया किशोरी' के नाम से प्रसिद्ध हुईं।
जीवन परिचय
जन्म और प्रारंभिक जीवन
13/06/2026
जन्म: उनका जन्म 13 जुलाई 1995 को राजस्थान के सुजानगढ़ में एक गौड़ ब्राह्मण परिवार में हुआ था। परिवार: उनके पिता का नाम शिव शंकर शर्मा (राधे श्याम हरितपाल) और माता का नाम सोनिया शर्मा (गीता देवी हरितपाल) है। उनकी एक छोटी बहन भी हैं जिनका नाम चेतना शर्मा है। शिक्षा: बचपन में ही उनका परिवार राजस्थान से कोलकाता शिफ्ट हो गया था। जया जी ने अपनी स्कूली शिक्षा श्री शिक्षायतन कॉलेज और महादेवी बिड़ला वर्ल्ड एकेडमी (कोलकाता) से पूरी की। आध्यात्मिक मार्ग पर चलने के बावजूद उन्होंने अपनी औपचारिक शिक्षा नहीं छोड़ी और कॉमर्स में स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की।
आध्यात्मिक यात्रा
आध्यात्मिक यात्रा और गुरु दीक्षाशुरुआती रुझान: उनके घर में शुरू से ही धार्मिक माहौल था। उनके दादा-दादी ने उन्हें बचपन से ही कृष्ण भजन सिखाए और आध्यात्मिक कथाएं सुनाईं। मात्र 7 वर्ष की आयु में उन्होंने कोलकाता में बसंत महोत्सव के दौरान अपना पहला भजन गाया था। बचपन की प्रतिभा: 9 साल की उम्र में वे कठिन संस्कृत स्तोत्र (जैसे शिव तांडव स्तोत्र, लिंगाष्टकम, रामाष्टकम) गाने लगी थीं। जब वे 10 साल की हुईं, तब उन्होंने मंच पर अकेले 'सुंदरकांड' का पाठ कर लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। गुरु: उन्होंने पंडित गोविंदराम मिश्रा जी से आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त किया। मिश्रा जी उन्हें प्यार से 'राधा' कहकर पुकारते थे और बाद में उन्होंने ही जया को 'किशोरी जी' का नाम दिया। इसके अलावा वे स्वामी रामसुखदास जी की शिक्षाओं से भी प्रभावित रही हैं। कथा वाचन: वे मुख्य रूप से 7 दिवसीय 'श्रीमद्भागवत कथा' और 3 दिवसीय 'नानी बाई रो मायरो' के सजीव और भावपूर्ण वाचन के लिए जानी जाती हैं।
शिक्षाएँ और दर्शन
- ईश्वर में विश्वास और भक्ति -अच्छे कर्म और सेवा - कठिन समय में धैर्य रखना - सकारात्मक सोच बनाए रखना - परिवार और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाना
योगदान
सामाजिक कार्य (दान और परोपकार) जया किशोरी अपनी कथाओं से जो भी आय प्राप्त करती हैं, उसका एक बड़ा हिस्सा राजस्थान के उदयपुर स्थित 'नारायण सेवा संस्थान' को दान कर देती हैं। यह संस्थान मुख्य रूप से दिव्यांग (disabled) लोगों के इलाज, अपंग बच्चों के शारीरिक विकास और समाज सेवा का कार्य करता है। इसके अलावा, वे पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण अभियानों को भी आर्थिक सहायता प्रदान करती हैं
सम्मान और विरासत
पुरस्कार और सम्मानवे युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं क्योंकि वे प्राचीन भारतीय शास्त्रों के ज्ञान को आधुनिक जीवन की व्यावहारिक समस्याओं से जोड़कर समझाती हैं। 2016 में उन्हें RSS प्रमुख मोहन भागवत द्वारा 'आदर्श युवा आध्यात्मिक गुरु पुरस्कार' से सम्मानित किया गया था। 8 मार्च 2024 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें प्रतिष्ठित 'नेशनल क्रिएटर्स अवार्ड' (National Creators Award) से सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त उन्हें 'बेस्ट स्पिरिचुअल इन्फ्लुएंसर' और 'आइकॉनिक वुमन मोटिवेशनल स्पीकर' जैसे कई अन्य सम्मान भी मिल चुके हैं।
उपाधियाँ
अन्य नाम







